FD investment Tips – फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। लेकिन अगर आप 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा की FD कराने की सोच रहे हैं, तो एक ही FD बनवाने के बजाय उसे कई हिस्सों में बांटना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है…
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चार्टर्ड अकाउंटेंट सार्थक आहूजा का कहना है कि कई छोटी FD बनाने से न सिर्फ आपका पैसा ज्यादा सुरक्षित रहता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर पैसा निकालना आसान हो जाता है। उन्होंने इसके पीछे 3 बड़े कारण बताए हैं।
1. जमा राशि की सुरक्षा बढ़ जाती है
CA सार्थक आहूजा के मुताबिक, बैंक में जमा राशि पर DICGC (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) के तहत अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है। ऐसे में अगर आपके पास 10 लाख रुपये हैं और आप पूरी रकम एक ही बैंक में FD के रूप में जमा कर देते हैं, तो बीमा सुरक्षा केवल 5 लाख रुपये तक ही मिलेगी।
वहीं, अगर आप 5-5 लाख रुपये की दो FD अलग-अलग बैंकों में कराते हैं, तो दोनों बैंकों में आपकी जमा राशि बीमा के दायरे में रहेगी। इससे आपकी पूरी 10 लाख रुपये की रकम ज्यादा सुरक्षित हो सकती है।
DICGC के नियमों के अनुसार, यह 5 लाख रुपये की सीमा प्रति जमाकर्ता प्रति बैंक होती है, न कि प्रति खाते। इसलिए एक ही बैंक में कई FD होने पर भी बीमा कवर 5 लाख रुपये तक ही सीमित रहेगा।
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2. जरूरत पड़ने पर पूरा पैसा नहीं तोड़ना पड़ेगा
मान लीजिए आपने 10 लाख रुपये की एक ही FD बनाई है और अचानक आपको 2 लाख रुपये की जरूरत पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में पूरी FD तोड़नी पड़ सकती है, जिससे ब्याज का नुकसान हो सकता है।
लेकिन अगर आपने 2-2 लाख रुपये की 5 अलग-अलग FD बनाई हैं, तो जरूरत पड़ने पर केवल एक FD तोड़नी होगी। बाकी चार FD पहले की तरह मैच्योरिटी तक चलती रहेंगी और उन पर पूरा ब्याज मिलता रहेगा।
इस रणनीति को FD लैडरिंग (FD laddering) भी कहा जाता है, जिसमें निवेशकों को लिक्विडिटी और ब्याज बचत दोनों का फायदा मिलता है।
3. ब्याज दर बढ़ने का फायदा मिल सकता है
अगर भविष्य में बैंक FD पर ब्याज दरें बढ़ा देते हैं, तो कई छोटी FD होने का फायदा मिल सकता है।
जब कोई एक FD मैच्योर होगी, तब आप उस रकम को नई और ज्यादा ब्याज दर वाली FD में निवेश कर सकते हैं। वहीं, अगर पूरी रकम एक ही FD में होगी, तो नई ब्याज दर का फायदा लेने के लिए पूरी FD के मैच्योर होने का इंतजार करना पड़ेगा।
यह रणनीति खास तौर पर तब फायदेमंद होती है जब ब्याज दरें बढ़ रही हों, क्योंकि इससे निवेशक धीरे-धीरे अपनी FD को उच्च ब्याज दरों पर रीइन्वेस्ट कर सकते हैं।
क्या एक बड़ी FD बनाना गलत है?
CA सार्थक आहूजा का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर आपके पास अच्छी योजना है, बार-बार पैसे की जरूरत नहीं पड़ती और आप निवेश को आसान तरीके से संभालना चाहते हैं, तो एक बड़ी FD भी अच्छा विकल्प हो सकती है।
हालांकि, जिन लोगों को समय-समय पर पैसों की जरूरत पड़ सकती है या जो अपनी जमा राशि को ज्यादा सुरक्षित रखना चाहते हैं, उनके लिए एक बड़ी FD की बजाय कई छोटी FD बनाना सही रह सकता है।
DICGC बीमा कवरेज कैसे काम करता है?
DICGC (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) RBI की एक सहायक कंपनी है, जो भारत में बैंक जमा राशियों को बीमा कवरेज प्रदान करती है।
वर्तमान में, DICGC प्रति जमाकर्ता प्रति बैंक अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा कवरेज देता है। इसमें मूलधन (Principal) और उस पर मिलने वाला ब्याज दोनों शामिल होते हैं। यह बीमा कवरेज सभी वाणिज्यिक बैंकों, छोटे वित्त बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों पर लागू होता है।
निष्कर्ष
10 लाख रुपये या उससे अधिक की FD कराते समय एक ही बैंक में पूरी रकम जमा करने के बजाय उसे कई बैंकों में बांटना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इससे न सिर्फ आपकी पूरी रकम DICGC बीमा कवरेज के दायरे में आती है, बल्कि जरूरत पड़ने पर लिक्विडिटी और ब्याज दर बढ़ने पर रीइन्वेस्टमेंट का फायदा भी मिलता है। हालांकि, अंतिम निर्णय आपकी वित्तीय जरूरतों, जोखिम सहनशीलता और निवेश लक्ष्यों पर निर्भर करता है।

