लोन महंगा होगा या EMI में मिलेगी राहत – शुरू हुई RBI की महाबैठक, इन 3 बड़े बदलावों की उम्मीद

लोन महंगा होगा या EMI में मिलेगी राहत
लोन महंगा होगा या EMI में मिलेगी राहत

लोन महंगा होगा या EMI में मिलेगी राहत – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक मंगलवार 3 जून से शुरू हो गई है। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और घरेलू स्तर पर महंगाई की चिंताओं के बीच यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय समिति इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर फैसला करेगी।


इस बार राहत मिलेगी या नहीं? EMI में राहत की उम्मीद बेहद कम

पीटीआई के एक सर्वे के अनुसार इस बार आम जनता को लोन की EMI में राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है। [टेक्स्ट स्रोत]

सर्वे परिणाम:

रायअर्थशास्त्री/विश्लेषकविवरण
कोई बदलाव नहीं11 अर्थशास्त्रीरेपो रेट मौजूदा स्तर पर बरकरार
0.25% बढ़ोतरी4 विश्लेषकमहंगाई दबाव के कारण

सर्वे में शामिल 11 अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आरबीआई इस बार रेपो रेट यानी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और इसे मौजूदा स्तर पर ही बरकरार रहेगा।

वहीं 4 विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई के बढ़ते दबाव को देखते हुए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट) की बढ़ोतरी भी कर सकता है।

आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए आरबीआई ने पिछले साल से लेकर अब तक रेपो रेट में कुल 1.25% (125 बेसिस पॉइंट) की कटौती की है। लेकिन अब बदले वैश्विक हालातों के बाद बैंक संभलकर कदम उठा रहा है।


In 3 बदलावों की उम्मीद

1. महंगाई के अनुमान में बढ़ोतरी: CPI 4.9% से 5.5%

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के कारण, माना जा रहा है कि आरबीआई वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई (CPI Inflation) के अनुमान को बढ़ाकर 4.9% से 5.5% के बीच कर सकता है।

अदिति नायर (इक्रा) :
इक्रा (Icra) की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर का कहना है कि जून में महंगाई 5% के करीब पहुंच सकती है।

2. GDP ग्रोथ अनुमान में मामूली कमी

पश्चिम एशिया में तनाव और महंगी ऊर्जा के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर थोड़ा असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए आरबीआई GDP ग्रोथ के अनुमान में मामूली कटौती कर सकता है।

3. रुपये को संभालने पर : डॉलर के मुकाबले गिरावट

रिजर्व बैंक रुपये को संभालने पर भी जोर दे सकता है। हाल में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में बड़ी गिरावट आई है।

सच्चिदानंद शुक्ला (लार्सन एंड टुब्रो):
लार्सन एंड टुब्रो के ग्रुप चीफ इकोनॉमिस्ट सच्चिदानंद शुक्ला के अनुसार, बाजार की नजर इस बात पर होगी कि गिरते रुपये को संभालने और बाजार में नकदी बनाए रखने के लिए आरबीआई क्या कदम उठाता है।


साल के अंत में मिल सकती है खुशी: दरें 0.25%-0.50% बढ़ सकती हैं

भले ही इस हफ्ते ब्याज दरों में बदलाव न हो, लेकिन ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस साल के अंत तक दरें बढ़ सकती हैं।

अनुभूति सहाय (स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक):
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक इंडिया की रिसर्च हेड अनुभूति सहाय का कहना है कि घरेलू स्तर पर महंगाई का जोखिम बढ़ रहा है और वैश्विक बॉन्ड यील्ड भी ऊंची है।

  • कुछ एशियाई केंद्रीय बैंकों ने पहले ही दरों में बढ़ोतरी करके चौंकाया है
  • अगर कमोडिटी और रुपये पर दबाव जारी रहा, तो इस साल ब्याज दरें 0.25% से 0.50% तक बढ़ सकती हैं

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लोन महंगा होगा या EMI में मिलेगी राहत
लोन महंगा होगा या EMI में मिलेगी राहत

RBI महाबैठक: 3 बड़े बदलावों का सारांश

बदलावविवरणप्रभाव
1. महंगाई अनुमानCPI 4.9% → 5.5% जून में महंगाई 5% के करीब
2. GDP ग्रोथमामूली कटौती संभव पश्चिम एशिया तनाव, महंगी ऊर्जा
3. रुपये पर नज़रडॉलर के मुकाबले गिरावट नकदी बनाए रखने पर जोर

रेपो रेट इतिहास: पिछले साल 1.25% कटौती

पहलूविवरण
पिछले साल से अब तक1.25% (125 बेसिस पॉइंट) कटौती
इस बार उम्मीदकोई बदलाव नहीं (11 अर्थशास्त्री)
विकल्प0.25% बढ़ोतरी (4 विश्लेषक)
साल अंत तक0.25%-0.50% बढ़ोतरी संभव

निष्कर्ष

पहलूविवरण
EMI राहतउम्मीद बेहद कम
रेपो रेटमौजूदा स्तर पर बरकरार (संभावना)
महंगाई अनुमान4.9% → 5.5%
GDP ग्रोथमामूली कटौती संभव
रुपयाडॉलर के मुकाबले गिरावट
साल अंत तक0.25%-0.50% दरें बढ़ सकती हैं

11 अर्थशास्त्रियों का मानना है कि रेपो रेट नहीं बदलेगा, लेकिन 4 विश्लेषक 0.25% बढ़ोतरी की संभावना जता रहे हैं।

महंगाई जून में 5% के करीब पहुंच सकती है, वित्त वर्ष 2027 में 5.5% तक जा सकती है। अगर कमोडिटी और रुपये पर दबाव जारी रहा, तो इस साल ब्याज दरें 0.25% से 0.50% तक बढ़ सकती हैं

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