EPFO Members Should Avoid These 7 Mistakes – कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सदस्यों की भविष्य निधि, पेंशन और बीमा का प्रबंधन करता है। इसकी तीन मुख्य स्कीम्स हैं-एम्पलाई प्रोविडेंट फंड (EPF), एम्प्लॉयी डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) और एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम (EPS)…
ईपीएफओ से जुड़ी सेवाओं का लाभ उमंग ऐप के माध्यम से लिया जा सकता है। कई सदस्य कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिनके कारण उन्हें बाद में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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इन 7 गलतियों से बचना चाहिए
1. एक से ज्यादा UAN अकाउंट होना
ईपीएफओ के सदस्यों के लिए UAN सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसी नंबर से आप लॉगिन कर सकते हैं और ईपीएफओ की सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। लेकिन कई बार एक से ज्यादा UAN ओपन हो जाते हैं, जिन्हें आपको तुरंत मर्ज कर देना चाहिए।
UAN जनरेट करना हो, एक्टिवेट करना हो या इसके पासवर्ड को रिसेट करना हो, ये सभी काम आप उमंग ऐप या EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल से कर सकते हैं।
2. सही जानकारियां दर्ज न करना
चाहे बैंक अकाउंट हो या अन्य कहीं भी, अगर आप अपनी सही जानकारियां दर्ज नहीं करते हैं तो उसमें आपको समस्याओं का सामना करना ही पड़ेगा। ऐसे ही ईपीएफओ के साथ भी है। आपको आपके आधार कार्ड में दी गई जानकारी के आधार पर अपने पीएफ अकाउंट में जानकारियां दर्ज करनी चाहिए।
यदि गलती होती है तो बाद में इसका सुधार किया जा सकता है। छोटी गलतियों को तो आप खुद ही सुधार सकते हैं और बड़ी गलतियों के लिए आपको ज्वाइंट डिक्लेरेशन फॉर्म की जरूरत पड़ेगी।
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3. UAN का स्टेटस चेक न करना
यदि आपका UAN अकाउंट आधार से लिंक नहीं है और आपका स्टेटस ‘वेरीफाइड बाय UIDAI’ नहीं दिख रहा है तो आपको तुरंत बचे हुए काम जैसे KYC पूरी करनी चाहिए। इसके लिए आप मैनेज के विकल्प में जाकर KYC का विकल्प चुनें और फिर आधार नंबर से KYC की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह काम उमंग ऐप की सहायता से भी किया जा सकता है। KYC पूरी नहीं होने पर क्लेम प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
4. एग्जिट डेट का अपडेट नहीं करना
कई लोग नौकरी तो छोड़ देते हैं लेकिन उसके बाद एग्जिट डेट अपडेट नहीं करते हैं। ऐसे लोगों को पता होना चाहिए कि आपको ईपीएफओ खाते में एग्जिट डेट केवल निकासी के लिए ही नहीं, बल्कि उसमें मिल रहे ब्याज पर टैक्स न लगे इसलिए भी अपडेट करना जरूरी है।
यदि आप एग्जिट डेट मार्क नहीं करते हैं और आपका पीएफ अकाउंट में नया कंट्रीब्यूशन भी बंद हो जाता है तो उस पर मिलने वाले ब्याज को ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस’ माना जा सकता है। एग्जिट डेट यानी जिस तिथि को आपने नौकरी छोड़ी है। जब आप किसी दूसरी कंपनी में अपना पीएफ अकाउंट ट्रांसफर करेंगे तो उसके लिए भी एग्जिट डेट अपडेट करना जरूरी होगा।
5. सर्विस हिस्ट्री और डेट ऑफ जॉइनिंग में गड़बड़ी
EPF अकाउंट केवल इसलिए ही नहीं बना होता है कि आप केवल उसमें जमा राशि का बाद में पीएफ क्लेम कर सके। आजकल ईपीएफओ की तरफ से कई सुविधाएं दी जा रही हैं। समय-समय पर आपको अपने पीएफ अकाउंट को चेक करते रहना चाहिए।
कहीं सर्विस हिस्ट्री या डेट ऑफ जॉइनिंग में कोई गड़बड़ी है तो उसे तुरंत ठीक करना चाहिए। इसके लिए आप व्यू सेक्शन में जाकर सर्विस हिस्ट्री चेक कर सकते हैं। इसमें सुधार के लिए आपको ज्वाइंट डिक्लेरेशन देना होगा। यदि नियोक्ता सहयोग नहीं करता है तो EPFiGMS grievance portal पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
6. EPS कंट्रीब्यूशन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी
आपको अपने EPS की पासबुक में जाकर चेक करना चाहिए कि इसमें कोई गलती न हो। यदि कोई गलती हो तो तुरंत अपने नियोक्ता से संपर्क करें। EPS रिकॉर्ड में गलती होने पर भविष्य में पेंशन क्लेम या PF ट्रांसफर में समस्या आ सकती है। इसलिए सेवा अवधि की सही जानकारी सुनिश्चित करना जरूरी है।
7. ई-साइन या ई-नॉमिनेशन न करना
ईपीएफओ अकाउंट ओपन होने के बाद आपको सबसे पहले काम ई-नॉमिनेशन का करना चाहिए। यदि आपने अभी तक यह काम नहीं किया है तो इसे जल्द ही पूरा कर ले।
यह एक गलती बाद में आपकी फैमिली मेंबर के लिए भारी पड़ सकती है। नॉमिनी डिटेल के साथ आपको फोटो और ई-साइन भी अपलोड करने पर ध्यान देना चाहिए। ई-नॉमिनेशन के बिना सदस्य की मृत्यु की स्थिति में परिवार को क्लेम प्रक्रिया में दिक्कत हो सकती है।
निष्कर्ष
संक्षेप में, EPFO सदस्यों को इन 7 गलतियों से बचना चाहिए ताकि भविष्य में क्लेम या पेंशन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। समय-समय पर अपने अकाउंट की जांच करते रहना और गलतियों को सुधारना जरूरी है।

