Income Tax Notice : इनकम टैक्स के नोटिस से बचना चाहते हैं? तो अपने सेविंग्स अकाउंट पर यह रूल अपनाएं

Income Tax Notice
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Income Tax Notice – भारत में करोड़ों लोगों के बैंक में सेविंग्स अकाउंट है। हर महीने तनख्वाह आती है, कुछ पैसे जमा होते हैं — और साल के अंत में बैंक उस जमा पर थोड़ा ब्याज देता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। भारत में टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट फाइनेंशियल प्लानिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। और अगर आपने अपने सेविंग्स अकाउंट के ब्याज को ITR में नहीं दिखाया — तो इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है।


पहले समझें — सेविंग्स अकाउंट का ब्याज टैक्सेबल है या नहीं?

हां — सेविंग्स अकाउंट का ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल है। लेकिन उस पर एक महत्वपूर्ण छूट (Exemption) भी मिलती है।

धारा 80TTA के तहत (पुरानी टैक्स रिजीम) :

  • 60 साल से कम उम्र के लोगों के लिए ₹10,000 तक का सेविंग्स अकाउंट ब्याज टैक्स फ्री
  • इससे ज्यादा ब्याज पर टैक्स लगेगा
  • यह छूट सेविंग्स अकाउंट पर मिलती है — FD पर नहीं

धारा 80TTB के तहत (सीनियर सिटीजन — 60 साल से ऊपर) :

  • बुजुर्गों को ₹50,000 तक की छूट मिलती है (बैंक + पोस्ट ऑफिस सेविंग्स + FD सब मिलाकर)

नई टैक्स रिजीम में: 80TTA की छूट नहीं मिलती — पूरा ब्याज टैक्सेबल होगा।


पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट — स्पेशल छूट

पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाली टैक्स छूट नई टैक्स रिजीम में भी बरकरार है। नई Income-tax Bill, 2025 के Section 11 के तहत पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट ब्याज पर छूट जारी रहेगी।

पोस्ट ऑफिस सेविंग्स पर छूट की सीमा :

  • Individual account: ₹3,500 तक का ब्याज टैक्स फ्री
  • Joint account: ₹7,000 तक का ब्याज टैक्स फ्री

Also Read – पूरा टैक्स कैलकुलेशन – 15 लाख CTC पर भारी टैक्स? जानें नई टैक्स रिजीम में कैसे बचा सकते हैं

Income Tax Notice
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कितना ब्याज मिलता है — देखें पूरा हिसाब

अलग-अलग बैंकों में सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज दर:

  • SBI: 2.70% प्रति वर्ष
  • HDFC Bank: 3.00% से 3.50%
  • ICICI Bank: 3.00% से 3.50%
  • Kotak Mahindra Bank: 3.50% से 4.00%
  • IndusInd Bank: 4.00% से 5.00%
  • Small Finance Banks: 6.00% से 7.00% तक

उदाहरण: अगर आपके खाते में औसतन ₹5 लाख हैं और ब्याज दर 3.5% है, तो सालाना ब्याज = ₹17,500। इसमें से ₹10,000 80TTA छूट, बाकी ₹7,500 टैक्सेबल।


वह गलती जो टैक्स नोटिस बुलाती है

बहुत से लोग यह गलती करते हैं :

  • सेविंग्स का ब्याज ITR में नहीं दिखाते
  • सोचते हैं — “बैंक ने TDS नहीं काटा तो टैक्स नहीं लगेगा”
  • AIS (Annual Information Statement) में बैंक का ब्याज दिखता है

लेकिन बैंक आपके सेविंग्स अकाउंट के ब्याज की जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग को देते हैं। अगर आपने ITR में नहीं दिखाया और बैंक ने AIS में डाल दिया — mismatch होगा और नोटिस आएगा।


सेविंग्स अकाउंट के ब्याज पर TDS कब कटता है?

सेविंग्स अकाउंट पर TDS नहीं कटता — यह FD से अलग है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि टैक्स नहीं लगता। आपको खुद ITR में यह ब्याज “Income from Other Sources” में दिखाना होगा।

FD vs सेविंग्स:

  • FD ब्याज: ₹40,000 से ऊपर → 10% TDS कटता है
  • सेविंग्स अकाउंट ब्याज: TDS नहीं कटता, लेकिन ITR में दिखाना जरूरी

कैसे बचाएं सेविंग्स के ब्याज पर टैक्स — 4 आसान तरीके

तरीका 1 — अधिकतम ₹10,000 की छूट का उपयोग करें: पुरानी टैक्स रिजीम में 80TTA के तहत ₹10,000 की छूट। अगर ब्याज ₹10,000 से कम है — कोई टैक्स नहीं।

तरीका 2 — पोस्ट ऑफिस अकाउंट खोलें: पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट पर ₹3,500 (सिंगल) या ₹7,000 (ज्वाइंट) की अतिरिक्त छूट नई रिजीम में भी मिलती है।

तरीका 3 — FD पर Form 15G/15H भरें: अगर आय टैक्स स्लैब से कम है तो TDS न कटे इसके लिए Form 15G (60 से कम) या Form 15H (सीनियर सिटीजन) दें।

तरीका 4 — हर साल ITR में ब्याज जरूर दिखाएं: भले ही टैक्स न बने — ब्याज ITR में “Income from Other Sources” में लिखें। इससे AIS में mismatch नहीं होगा और नोटिस नहीं आएगा।


कितने खाते और कितना ब्याज — नजर रखें

अगर आपके कई बैंकों में खाते हैं, तो सब का ब्याज जोड़कर देखें। कई बार लोगों को याद भी नहीं होता कि पुराने खातों में भी ब्याज आ रहा है।

क्या करें:

  • हर बैंक का सालाना ब्याज स्टेटमेंट लें
  • AIS (Annual Information Statement) पोर्टल पर चेक करें
  • सब जोड़कर ITR में दिखाएं
  • 80TTA की ₹10,000 की छूट काटकर बाकी पर टैक्स चुकाएं

AIS कैसे देखें: incometax.gov.in → Login → Annual Information Statement


नई टैक्स रिजीम में और क्या बदला?

नई टैक्स रिजीम में ₹4 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री है। ₹12 लाख तक की आय पर Section 87A की ₹60,000 छूट मिलती है। Standard Deduction ₹75,000 — जिससे ₹12.75 लाख तक की सैलरी टैक्स फ्री।

लेकिन नई रिजीम में 80TTA नहीं मिलती — यानी सेविंग्स का पूरा ब्याज टैक्सेबल आय में जुड़ेगा।


निष्कर्ष

सेविंग्स अकाउंट का ब्याज छोटा लगता है — लेकिन इसे नजरअंदाज करना इनकम टैक्स विभाग का नोटिस बुला सकता है। इसलिए:

  • हर साल AIS चेक करें
  • सेविंग्स ब्याज ITR में जरूर दिखाएं
  • पुरानी रिजीम में 80TTA का ₹10,000 फायदा लें
  • पोस्ट ऑफिस अकाउंट खोलकर और छूट पाएं

टैक्स बचाना गलत नहीं — लेकिन टैक्स छिपाना खतरनाक है। सही जानकारी से सही टैक्स भरें और निश्चिंत रहें।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। टैक्स से जुड़े किसी भी फैसले से पहले CA या टैक्स सलाहकार से परामर्श लें।

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